Women's Day: क्या आप अपने 'शिव' की 'शक्ति' हैं या महज उनकी चिंता का विषय? इस महिला दिवस पर झांकिए खुद के भीतर…

Women's Day: क्या आप अपने 'शिव' की 'शक्ति' हैं या महज उनकी चिंता का विषय? इस महिला दिवस पर झांकिए खुद के भीतर…

Women’s Day: इस महिला दिवस पर एक बेहद सुंदर संयोग बन रहा है ‘महाशिवरात्रि’ का। एक तरफ जहां माहौल शिवमय होगा वहीं यह दिन शक्ति यानि स्त्रीत्व के सम्मान का भी होगा। हमारे यहां माना जाता है कि शिव और शक्ति जुड़े हुए हैं, वे साथ ही पूजे जाते हैं तो प्रश्न उठता है कि क्या आप भी अपने ‘शिव’ की शक्ति हैं या महज उनकी चिंता का विषय? क्या वे कभी भी बाहर जाएं, उनका आधा मन आप में ही लगा रहता है कि आप इस या उस वजह से परेशान तो नहीं हो रही होंगी? यदि ऐसा आपके मामले में भी है तब आपको अपने ‘शिव’ की ‘शक्ति’ बनने के लिए प्रयास करने की ज़रूरत है जो उनकी ताकत बने, न कि कमज़ोरी।

हर स्त्री का कामकाजी होना ज़रूरी नहीं और यह भी ज़रूरी नहीं कि हर कामकाजी स्त्री सशक्त ही हो। शक्ति सिर्फ़ पैसों से नहीं आती, आत्मबल से आती है, अपनी ज़िम्मेदारियों के अहसास से आती है। छोटे-छोटे ऐसे काम जो आप कर सकती हैं लेकिन अपने पति पर डाल कर निश्चिंत हो जाती हैं कि वे ही कर देंगे, तो आप शायद कहीं न कहीं खुद को ‘शक्ति’ बनने से रोक रही हैं। अपने दायरे को खुद ही संकुचित कर रही हैं। इस लेख को पढ़िए, खुद में झांकिये और बताइए कि आप ये छोटे-छोटे काम कर पाती हैं या नहीं।

ग्रोसरी लाना

परिवार चलाने के लिए भरपूर ग्रोसरी आइटम्स चाहिए। आप भले ही गाड़ी न चलाती हों लेकिन ज़रूरत पड़ने पर स्टोर से महीने भर का किराने का सामान कभी लाई हैं? अगर आपने ऐसा नहीं किया तो एक बार करिए। आप कहेंगी कि ये कौन सा कठिन काम है? हर बार तो पति के साथ जाती हूं। ज़रूर जाती होंगी, पर एक बार अकेले जाइये। सामान लीजिए, बिल का मिलान कीजिए, गलती हो तो सही करवाइए, कोई ऑफर का सामान न दिया जा रहा हो तो शिकायत कीजिए, वो आपका हक है। इन सब के लिए पति को बहुत आगे कर लिया। अब खुद करके देखिए।

पीटीएम अकेले अटैंड करना

बच्चों की पीटीएम में सिर्फ खुद की सज-धज दिखाने न जाएं। जहां आप सिर्फ साथ देने के लिए हों और सारी बातें पति को करनी पड़ें। इस बार अकेले पीटीएम अटैंड कीजिए। बच्चों की प्रोग्रेस और परेशानियों पर टीचर्स से आप खुद बात कीजिए( ये तब आप अच्छे से कर पाएंगी जब आप उनकी पढ़ाई से जुड़ी रहेंगी)। आप खुद फीस जमा कीजिए।दो बच्चे एक ही स्कूल में पढ़ते हों तो सिबलिंग्स कंसेशन की बात कीजिए। यूनीफॉर्म और बुक्स खरीदिए।

गैस सिलेंडर बुक करना

आजकल सारे काम ऑनलाइन हो जाते हैं और पतिदेव चुटकियों में कर देते हैं। पर क्या आपको पता है कि गैस का सिलेंडर कैसे बुक किया जाता है? महज एक काॅल की ही बात है पर यह एक काॅल इस बार आप कीजिए। फिर कितनी ही महिलाओं को गैस सिलेंडर बदलना भी नहीं आता। कभी पति बाहर हों तो गैस सिलेंडर बुक करना, सिलेंडर बदलना और लीकेज हो तो एजेंसी से मदद बुलाना, ये सब काम आपको आने चाहिए।

मोबाइल – टीवी रिचार्ज करना

इन दोनों चीज़ों के बिना क्या आपके जीवन में रस है? डेली लाइफ में मनोरंजन के लिए, सोशल मीडिया और नेटवर्क से जुड़ने के लिए मोबाइल-टीवी दोनों को रिचार्ज कराना आपको आना ही चाहिए। छोटे-छोटे और ज़रूरी कामों के लिए पति पर निर्भरता अच्छी नहीं।

बिजली का बिल जमा करना

यह भी बेसिक लर्निंग है।अब तो बिल जमा करने के लिए आपको लाइन में लगने की भी ज़रूरत नहीं है। अपने पति से ऑनलाइन बिजली का बिल जमा करना सीखिये और अगली बार खुद कीजिए।

घर के छोटे-मोटे लेकिन ज़रूरी काम भी सीखें

घर में छोटे-मोटे बीसियों काम होते हैं। कभी बल्ब फ्यूज़ हो जाता है तो कभी फ्यूज़ उड़ जाता है। ये मामूली काम हैं और आप आसानी से इन्हें सीख सकती हैं। अलावा इसके आप इलैक्ट्रीशियन, प्लंबर आदि के नंबर सेव करके रखें ताकि ज़रूरत पड़ने पर उन्हें झटपट बुला सकें।

बैंक में खाता खोलना और सेविंग-निवेश से जुड़े काम

क्या आपने बैंक में अपना खाता खुद खुलवाया है या महज साइन करने साथ गई थीं? खुद खाता खुलवाएंगी तो पता चलेगा कि कौन-कौन से पेपर लगते हैं। कैसे फार्म भरना होता है। गलतियां होंगी पर जानकारियां भी बढ़ेंगी। छोटी-छोटी बचतें करना और उसी बचत की एफडी कराना या म्यूचुअल फंड, एसआईपी आदि में पैसा लगाना, घर की सेविंग और पेपर्स की जानकारी रखना, ऑनलाइन मनी ट्रांसफर करना, एटीएम से पैसे निकालना जैसी चीज़ें सीखें। इनसे जहां आप घर के आर्थिक मामले संभाल पाएंगी, वहीं बचत करने के लिए प्रेरित होंगी और काॅन्फिडेंट भी बनेंगी।

फोन तो स्मार्ट है, क्या आप स्मार्ट यूज़र हैं?

डीपी-स्टेटस में स्मार्ट दिखना काफी नहीं,अपने स्मार्ट फोन का स्मार्ट इस्तेमाल भी आना चाहिए। स्क्रीन लाॅक लगा कर रखें और पासवर्ड शेयर न करें। गैर ज़रूरी एप्स डाउनलोड करने से बचें। खाते से जुड़े पासवर्ड, पिन मोबाइल में सेव न करें। अपरिचित सोर्स से आने वाली लिंक को टच न करें, वरना आप ऑनलाइन ठगी की शिकार हो सकती हैं। चैटिंग और फोटो शेयरिंग के अलावा फाइल अटैच करना, पीडीएफ बनाना जैसी छोटी-बड़ी चीज़ें आनी चाहिए।

डाॅक्टर से परामर्श लेना, खुद की केयर करना

ऐसा कितनी बार हुआ है कि आपकी तबीयत ठीक नहीं लग रहीं और आप पति का रास्ता ताकते बैठी हैं कि वे आएं तो डाॅक्टर को दिखाने ले जाएं? यदि तबीयत बेहद ही खराब है तो और बात है लेकिन यदि आप अकेले जाने की स्थिति में हैं तो टालने के बजाय खुद ही जाएं। तबीयत खराब न हो और सामान्य जांच कराना हो, सोनोग्राफी या लैब टेस्ट हो, आप ये सब खुद जाकर करा सकती हैं। साथ ही खुद की इतनी केयर करना भी आपकी ही ज़िम्मेदारी है कि आप फिट रहें, आपकी डाइट अच्छी हो जिससे इम्यूनिटी अच्छी रहे। योग, एक्सरसाइज़, डांस यानि कुछ भी ऐसा जो आपको एक्टिव और हेल्दी रखे, रुटीन में शामिल ज़रूर करें।

स्किल्ड हैं?

किसी ऐसी फील्ड में अपना कौशल ज़रूर बढ़ाएं जिससे ज़रूरत पड़ने पर घर की आमदनी बढ़ाने में सहयोग दिया जा सके। ताकि परिवार पर संकट आए तो आपके हाथ-पैर न फूलें। परिस्थितियों का डटकर सामना करने का हौसला आपमें होना चाहिए।

ये और ऐसे घर-गृहस्थी के ऐसे अनेक काम हैं जो औरतें सीख सकती हैं और अपने पति की शक्ति बन सकती हैं जिस पर उन्हें गर्व होगा। उनके सिर का आधा बोझ कम हो जाएगा और आप सही अर्थों में अर्द्धांगिनी बन पाएंगी, ऐसी मां बन पाएंगी जो अपने बच्चों की ताकत बने। तब ‘महतारी वंदन’ घर में ससम्मान होगा।

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