Himachal's Congress government in crisis: पूर्व सीएम भूपेश ने हिमाचल में डाला डेरा: कांग्रेस सरकार को संकट से उबारने की आला कमान ने सौंपी है जिम्मेदारी

Himachal’s Congress government in crisis: रायपुर। कांग्रेस की इस वक्त देश के 3 राज्यों में सरकार है। इसमें हिंदी भाषी राज्यों में एक मात्र हिमाचल प्रदेश है। बाकी दोनों राज्य दक्षिण के हैं। राज्यसभा चुनाव के दौरान हिमाचल प्रदेश की सरकार पर संकट खड़ा हो गया था। 68 सदस्यीय हिमाचल विधानसभा में कांग्रेस के 40 विधायक हैं। बीजेपी क 25 और 3 निर्दलीय हैं। इसके बावजूद राज्यसभा की एक सीट के लिए हुए मतदान में कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टियों के प्रत्याशियों को 34-34 वोट मिला। 3 निर्दलीयों के साथ ही कांग्रेस के 6 विधायकों ने भी बीजेपी प्रत्याशी के पक्ष में वोट किया है। इसकी वजह से वहां सरकार पर संकट खड़ा हो गया था। इसे देखते हुए राज्यसभा चुनाव के लिए हिमाचल भेजे गए छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल को पार्टी आला कमान ने वहीं रोक दिया है।
बता दें कि पूर्व भूपेश 26 फरवरी की शाम को हिमाचल प्रदेश पहुंच गए थे। आज रात वे रायपुर लौटने वाले थे, उनका कार्यक्रम भी जारी हो गया था, लेकिन अचानक उनकी वापसी का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। बताया जा रहा है कि आज ही हिमाचल विधानसभा में बजट पेश किया जाना था। कांग्रेस नेताओं के अनुसार बीजेपी ने वहां सरकार गिराने की तैयारी कर ली थी। बीजेपी विधायकों ने राजभवन जाकर बजट पर मत विभाजन कराने की मांग रखी थी। लेकिन बजट बहुमत से पारित हो गया।
बवजूद इसके क्रास वोटिंग की वजह से राज्यसभा की एक सीट गवां चुकी कांग्रेस अब सरकार गंवाने का रिस्क लेना नहीं चाह रही थी। इसी वजह से पार्टी ने बघेल को वहीं रुकने का निर्देश दिया। साथ ही डीके शिवाकुमार और भूपेंद्र हुड्डा को आब्जर्वर बनाकर भेजा है। पार्टी नेताओं के अनुसार बड़ी संख्या में विधायक मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से नाराज हैं। क्रास वोटिंग इसी का नतीजा है। पार्टी विधायकों की नाराजगी दूर करने की जिम्मेदारी बघेल को सौंपी गई है। छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला हिमाचल कांग्रेस के प्रभारी हैं। पार्टी नेताओं के अनुसार बघेल और शुक्ला दोनों आब्जर्वर शिवाकुमार और हुड्डा के साथ मिलकर पार्टी के एक- एक विधायक से चर्चा करेंगे। इनकी रिपोर्ट के आधार पर पार्टी आलाकमान सीएम सुक्खू का भविष्य तय करेगा।






