Raipur News: राजधानी में देर रात चली गोली, व्यापारी भाई ने छोटे भाई पर चला दी दनादन गोली…

Raipur News: राजधानी में देर रात चली गोली, व्यापारी भाई ने छोटे भाई पर चला दी दनादन गोली…

रायपुर। राजधानी में देर रात भाई ने भाई की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना सफायर ग्रीप फेज टू कॉलोनी की है। दोनों भाइयों में अक्सर विवाद होते रहता था घटना वाले दिन भी विवाद हुआ और बड़े भाई ने छोटे भाई गोली चला दी। घटना के बाद आरोपी ने अपनी मां को वीडियो कॉल कर जानकारी दी।

दरअसल ये पूरा मामला विधानसभा थाना क्षेत्र का है। रायपुर के विधानसभा थाना क्षेत्र के सफायर ग्रीप फेज टू कॉलोनी में कारोबारी पियूष और मृतक पराग जैन अपने परिवार के साथ रहता था। दोनों ड्रोन बनाने और रिपेयर करने की कंपनी चलाते है। मां दोनों भाइयों से अलग कैपिटल होम कॉलोनी में रहती है। दोनों भाइयों के मध्य अक्सर विवाद होते रहता था। कल देर रात करीबन 11:30 बजे फिर से दोनों भाइयों के बीच विवाद हुआ। छोटे भाई पराग ने बड़े भाई पीयूष जैन पर हाथ उठा दिया। इस बात से नाराज पियूष ने कबर्ड से पिस्तौल निकाल कर अपने छोटे भाई पराग पर गोली चला दी। तीन गोलियां पियूष को मारी। घटना में मौके पर ही उसकी मौत हो गई। भाई की हत्या के बाद पियूष ने अपनी मां को वीडियो कॉल कर भाई की लाश दिखाई और कहा कि मैंने भाई को मार दिया है। 

पीयूष की मां ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर एसपी संतोष सिंह के निर्देश पर एडिशनल एसपी नीरज चंद्राकर विधानसभा पुलिस को लेकर मौके पर पहुंचे। मृतक की मां से बात कर आरोपी के कार की नंबर निकलवाई और शहर में घेरेबंदी करवा दी। आरोपी को पुलिस ने डीडी नगर थाना क्षेत्र से पकड़ा। डीडी नगर पुलिस सूचना मिलने पर घेरेबंदी कर वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान आरोपी यहां से गुजर रहा था।  पिस्टल भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस यह जानकारी जुटा रही है कि यह पिस्टल लाइसेंसी थी की वारदात को अंजाम देने के लिए ही आरोपी ने कहीं से पिस्तौल की व्यवस्था की थी।

आरोपी है एयरोनॉटिकल इंजीनियर

आरोपी पियूष मेधावी छात्र रहा है। वह हुनरमंद भी है। रायपुर की एक प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज से एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में इंजीनियरिंग करने के बाद प्राइवेट नौकरी करता था। कुछ साल पहले नौकरी छोड़कर पीयूष ने ड्रोन बनाने की कंपनी शुरू कर दी। आरोपी ने व्यापम की परीक्षा निकाल कर छात्रावास अधीक्षक की पोस्ट भी पाई थी। पर ड्रोन बनाने का स्टार्टअप चलाने के लिए उसने सरकारी नौकरी ज्वाइन नहीं की। मात्र 45 हजार रुपए में छोटे स्तर पर ड्रोन बनाने का काम शुरू कर दो सालों में ही 3:30 करोड़ से अधिक का टर्नओवर पियूष ने अपने स्टार्टअप का पहुंचा दिया था। पीयूष को सरकारी काम भी मिलते थे। उसे रेलवे के पटरियों की निगरानी के अलावा, आरपीएफ,बीएसएफ और पुलिस से ड्रोन बनाने का काम मिलता था। कृषि विभाग से भी काम आते थे।

निजी जीवन था तनावपूर्ण

पीयूष झा का निजी जीवन तनावपूर्ण था. उसकी एक बार सगाई टूट चुकी थी. जिसके चलते वह शराब पीने का आदी हो गया था. शराब पीकर ही वह अपने भाई से अक्सर विवाद करता था। उसने अपने भाई पराग को भी अपने ड्रोन बनाने के काम में शामिल किया था। कल रात भी शराब के नशे में ही कि उसने अपने भाई को गोली मारी थी ।

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