Gulfam Singh Yadav Murder Case: जहरीला इंजेक्शन लगाकर भाजपा नेता का मर्डर, जांच के लिए टीम का गठन, पूर्व CM के खिलाफ लड़ा था चुनाव

Gulfam Singh Yadav Murder Case: उत्तर प्रदेश के संभल जिले से सनसनीखेज मामला सामने आया है. बीजेपी नेता की हत्या कर दी गयी. भाजपा के वरिष्ठ नेता व प्रधान पति गुलफाम सिंह यादव को जहरीला इंजेक्शन लगाया गया जिसकी वजह से उनकी मौत हो गई.
बीजेपी नेता की जहर देकर हत्या
जानकारी के मुताबिक, घटना जुनावई थाना क्षेत्र के दबथरा हिमाचल गांव की है. सोमवार दोपहर करीब एक बजे को 70 वर्षीय बीजेपी नेता गुलफाम सिंह यादव पशुओं की देखभाल के लिए घेर में बैठे हुए थे. उसी समय बाइक से तीन लोग पहुंचे और गुलफाम यादव को नमस्ते कहा. गुलफाम ने तीनों का हालचाल लिया और पानी भी पिलाया. उसके बाद उन्होंने मौका देख गुलफाम यादव के पेट में जहरीला इंजेक्शन लगा दिया और वहां से भाग निकले. इंजेक्शन लगने से उनकी तबीयत बिगड़ गई.
मामले की जाँच में जुटी पुलिस
जिसके बाद उनके बेटे ने इसकी सूचना पुलिस को दी और अस्पताल ले गए. जहां से उन्हें अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया. वहां पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इसकी सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची और मामले की जाँच में जुट गयी. बीजेपी नेता की हत्या की जानकारी मिलते ही एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई तुरंत घटना स्थल का निरिक्षण करने पहुंचे. एएसपी अनुकृति शर्मा और सीओ व फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरिक्षण किया.
पुलिस की चार टीमों का गठन
वहीँ, देर रात देर रात अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज के पोस्टमार्टम हाउस पर आरएसएस व भाजपा के तमाम नेता जुट गए. सभी जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं. पुलिस का कहना है आसपास के सीसीएटीवी फुटेज जांचे जा रहे हैं. जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमों का गठन किया गया है.
एसपी संभल कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि मामले में कुछ अहम सुराग पुलिस के हाथ लगे हैं. हत्यारों की तलाश में सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं. अलीगढ में डॉक्टरों का पैनल बीजेपी नेता गुलफाम सिंह का पोस्टमार्टम करेगा. आरोपी जल्द पुलिस की गिरफ्त में होंगे. जल्दी ही वारदात का खुलासा होगा.
कौन है गुलफाम सिंह यादव
बता दें, गुलफाम सिंह यादव बीजेपी के काफी जाने माने नेता रहे हैं. गुलफाम सिंह यादव वर्ष 2004 में गुन्नौर विधानसभा उपचुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के खिलाफ भाजपा प्रत्याशी थे. हालाँकि उन्हें हर मिली पर तबसे वो भाजपा के मजबूत स्तम्भ माने जाते थे. गुन्नौर विधानसभा उपचुनाव में चुनाव लड़ने से पहले गुलफाम सिंह ने कई वर्ष पहले लेखपाल के पद पर थे. उन्होंने गुलफाम सिंह यादव ने सरकारी नौकरी छोड़कर राजनीति में कदम रखा था.
वो आरएसएस के जिला कार्यवाह, भाजपा जिला महामंत्री और पश्चिमी यूपी के भाजपा उपाध्यक्ष भी रह चुके थे. 1976 में वह बदायूं जनपद में संघ के जिला कार्यवाह और बाद में जिला महामंत्री भी रहे. उन्हें उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग का सदस्य बनाया गया. 2016 में वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के भाजपा क्षेत्रीय उपाध्यक्ष बने.






